ये इश्क सीमित नहीं है तेरे मेरे इस छोटी सी जीवन की कहानी तक,
और ये इश्क सीमित नहीं है तेरे मेरे इस क्षण भर की जवानी तक,
सचमुच इश्क की पहुंच तो है जहां इस आकाश की अनंत ऊंचाई तक,
वही इस इश्क की पहुंच है समुद्र के गहरे से भी गहरे पानी तक|
-मनस्व
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X