तेरे हर दर्द की ख़ामोश निशानी बन जाऊँ मैं।
तू रोए भी तो तेरी पलकों पे ठहर जाऊँ,
तेरी हर अश्क में छुपी ज़िंदगानी बन जाऊँ मैं।
तेरी आँखों में कभी ग़म का समंदर न रहे,
तेरे चेहरे पे उदासी का कोई मंज़र न रहे।
तू मुझे खोने के डर से कभी आँसू न बहाए,
तेरे दिल में कभी जुदाई का कोई ख़ंजर न रहे।
तेरी हँसी से मेरी दुनिया में बहार आती है,
तेरी ख़ामोशी मेरे सीने में दरार लाती है।
तेरे होंठों पे सदा, मुस्कुराहट महफ़ूज़ रहे,
तेरी ख़ुशियों से मेरी रूह को क़रार आता है।
मैं तेरी पलकों पे ख़्वाबों की तरह रह जाऊँ,
तेरी साँसों में महकते गुलाबों की तरह बस जाऊँ।
तुझे डर ही न रहे मुझको कभी खोने का,
मैं तेरे दिल में तेरे विश्वास की तरह रह जाऊँ।
न तुझे खोने का डर हो, न मुझे बिछड़ने का ग़म,
तेरी धड़कन में मेरा नाम रहे, बस इतना हो कसम।
मोहब्बत ऐसी हो जिसमें कोई आँसू न बहे,
तेरी हर सुबह में ख़ुशियाँ हों, हर शाम में हम।
-रतन कुमार कैथवास
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