शिक्षक के रोज सिखाने पर भी
जो छात्र नहीं सुनने वाले
समझो वे किस्मत पर अपने
लगा रहे अलीगढ़ के ताले
तुम लोग नहीं ऐसा बनना
सुनना भी उन्हें और मानना भी
कोई तुम्हें रोक न पायेगा
सफलता के झंडे गाड़ना भी
-कुँवर संदीप सिंह
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