चाय वाला
भय जा रहा है,
भरोसा आ रहा है।
झालमुड़ी खाने वाला,
TMC को मिर्ची लगाने वाला,
देश भर को चाय पिलाने वाला,
एक और जुमला बोल रहा है —
भय जा रहा है,
भरोसा आ रहा है।
जो आरोपों से घिरा है,
जनता का वोट,
क्या उसने चाय में पिया है???
आज बंगाल भी कतारों में खड़ा है,
एक अच्छे नेता के लिए अड़ा है।
बंगाल बोल रहा है,
नेता की पोल खोल रहा है।
गुटों में घमासान हो रहा है,
फिर से नए वादों का ऐलान हो रहा है।
ऊँट किस करवट बैठेगा,
इसका इंतज़ार हो रहा है।
- सुरेंद्र पाण्डेय
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