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जीवन द्वंद है निकटता में भ्रम नही रहा।

                
                                                         
                            यार के ख्याल में देर तक सोया रहना।
                                                                 
                            
गुलाबी खुमार में आँखें नही खोलना।।

नींद का गुबार इतना लंबा हो सकता।
प्यार की चाहत में वैसे ही लेटे रहना।।

भोग के अनुभव से त्याग समझ पाया।
अंधकार आया गया प्रकाश में रहना।।

जीवन द्वंद है निकटता में भ्रम नही रहा।
भ्रम रहने दे 'उपदेश' उसी भ्रम में रहना।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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4 घंटे पहले

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