अक्षर-अक्षर उम्र को काग़ज़ पर बुनना पड़ता है,
ज़िंदा रहने वालों को भी रोज़ मरना पड़ता है।
सच कहना आसान नहीं इस मतलब की दुनिया में,
आईनों को भी अक्सर तन्हा रहना पड़ता है।।।।।।।
- राकेश कुमार तिवारी
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