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सौंदर्य ,नर-नारी, कविता और प्रेम पर रामधारी सिंह दिनकर

हिंदी कविता
                
                                                         
                            हिंदी साहित्य में  रामधारी सिंह  दिनकर एक खरे और सशक्त गर्जना वाले कवि हैं | उन्होंने देश काल वातावरण के हर विषय पर अपनई कलम चलायी है | सौंदर्य, नर-नारी कविता और प्रेम पर हम यहां उनकी पंक्तियाँ पेश कर रहे हैं| सभी पंक्तियाँ उपयुक्त विषय का गहरा मतलब समझने के लिए  काफी हैं|  
                                                                
                
                
                 
                                    
                     
                                             
                                                

सौंदर्य...

(१)
निस्सीम शक्ति निज को दर्पण में देख रही,
तुम स्वयं शक्ति हो या दर्पण की छाया हो?

(२)
तुम्हारी मुस्कुराहट तीर है केवल?
धनुष का काम तो मादक तुम्हारा रूप करता है।

(३)
सौन्दर्य रूप ही नहीं, अदृश्य लहर भी है।
उसका सर्वोत्तम अंश न चित्रित हो सकता।

(४)
विश्व में सौन्दर्य की महिमा अगम है
हर तरफ हैं खिल रही फुलवारियाँ।
किन्तु मेरे जानते सब से अपर हैं
रूप की प्रतियोगिता में नारियाँ।
 
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सौंदर्य...

5 वर्ष पहले

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