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काफी गहरी हैं जगजीत सिंह की गाई ग़ज़लों की ये पंक्तियां...

प्रेम पर शायरी
                
                                                         
                            जगजीत सिंह की ग़ज़लों ने दिल के दर्द को कम करने में अपना असर दिखाया है। उनकी गाई कुछ ग़ज़लों की ये असरदार पंक्तियां आपका इश्क़ से परिचय अवश्य करा सकती हैं और आपके दिल का दर्द भी कम कर सकती हैं। काव्य चर्चा के इस सेक्शन में हम मिर्ज़ा ग़ालिब, अमीर मीनाई और निदा फ़ाज़ली की ग़ज़लों की असरदार पंक्तियां आपकी नज़र कर रहे हैं जिनको जगजीत सिंह ने अपने सुर दिए हैं।  
                                                                
                
                
                 
                                    
                     
                                             
                                                

तिरी ज़ुल्फ़ के सर होते तक... 

मिर्ज़ा ग़ालिब

आह को चाहिए इक उम्र असर होते तक 
कौन जीता है तिरी ज़ुल्फ़ के सर होते तक 

दाम-ए-हर-मौज में है हल्क़ा-ए-सद-काम-ए-नहंग 
देखें क्या गुज़रे है क़तरे पे गुहर होते तक 
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तिरी ज़ुल्फ़ के सर होते तक... 

5 वर्ष पहले

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