युद्ध एक विनाश है करता सिर्फ सर्वनाश है
हर तरफ फैलती इससे विध्वंश की आग है
दो पक्ष दो देश कभी लड़ते युद्ध सिर्फ नही
असल परिणाम झेलते आमजन निर्दोष ही
युद्ध की त्रासदी को समझ वही पाता है
जो इसमें अपना सबकुछ गंवाता है
कोई गंवाए घर कोई परिवार है
मौत और विनाश ही इसका परिणाम है
युद्ध रोके विकास को , फैलाए अंधकार है
युद्ध से होता सिर्फ और सिर्फ विनाश है
इस महाविनाश को रोकना अब चाहिए
युद्ध और विनाश का अंत करना चाहिए
खत्म हो संघर्ष बहे न रक्त अब
शांत हो विश्व शांत हो सब
अंत करो आतंकवाद का मिटाओ सब पाप को
कोई ऐसा न बचे जो फैलाए इस आग को
किसी के बंधु परिवार मारे न जाए , बंद युद्ध हो
हो विश्व सुरक्षित वातावरण शुद्ध हो
शांति की अपेक्षा से ये कविता मै लिखता हु
विश्व को शांति का एक संदेश मै देता हु
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X