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बस इक रफ़्तार से दौड़ती ज़िंदगी

                
                                                         
                            हर इक मोहल्ला हर इक गली
                                                                 
                            
हर इक शहर हर इक गांव
एक जैसे लगते है मुझे
वही भीड़ - भाड़
वही भागम - भाग
हर कोई अजनबी हर किसी से
किसको किसकी नहीं पड़ी
बस इक रफ़्तार से दौड़ती ज़िंदगी
न पहले जैसे भाव बाकी न बाकी भावनाएं
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2 दिन पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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