दिलासे दिलाए कभी जिंदगी ने
बहाने बनाए कभी जिंदगी ने
कभी फांकों पर ही हमे रखा जिंदा
खजाने लुटाए कभी जिंदगी ने
ये बात और है बेरंग हो गई है
सभी रंग दिखाए हमें जिंदगी ने
हमारी ही होकर,कई पहलू अपने
छिपाए, दिखाए हमें जिंदगी ने
मैं कैसे इसे बेवफा कह सकूंगा
रुलाकर, हंसाए हमें जिंदगी ने
लिखे गीत हमने कभी हंसते,रोते
वो गाकर सुनाए हमें जिंदगी ने
था दीपक तले ही छिपा वो अंधेरा
जलाए, बुझाए हमें जिंदगी ने
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X