नवीन भारत में संप्रभुता हम लाएंगे,
गणतंत्र है हम, स्वतंत्र हम कहलाएंगे।
अनेकता में एकता के शब्दों की धारा से
पिरोकर अपने नवीन विचार से समानता की मोहब्बत को उजागर करेंगे।
देशभक्ति में शालीन प्रभाव हमारा है,
स्वभाव हमारा सारा प्रेरणादायक है।
गरीब पिछड़ों के लिए अब निर्णय लेने की बात होगी,
समुंदर की लावों में भी स्वतंत्रता की गूँज होगी।
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