हिंदू न मुसलमान, न सिख न ईसाई
प्यारा ये वतन सबका, हर शख्स शैदाई
धरती पे जो गिरा हर खून लाल था
तारा था किसी आँख का, माँ का वो लाल था
- डॉ. रश्मि झा
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