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ज़िंदगी मेरा हौसला देखो

                
                                                         
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कभी करता नहीं गिला देखो

सितम सारे क़बूल हँस-हँस के
रूठता मैं नहीं जरा देखो

ख़ैर-मक़्दम रकीबों का भी यहाँ
दिल-नशीनों की ये अदा देखो

बारिशें नेमतों की होती हैं
रख के रब से भी राब्ता देखो

तुझको अपना बना के देखा है
कोई तुझ सा नहीं यहाँ देखो

कितना प्यारा लगे है ये रिश्ता
तेरा-मेरा नहीं यहाँ देखो

वो तो कोई ख़ुदा का बंदा है
अलहदा उसका रास्ता देखो

आज ख़ुद से मैँ भी मिल लूँ जरा
फक़ीर कहते आइना देखो

- डॉ. रश्मि झा
 
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4 वर्ष पहले

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