कुछ चुनिंदे अल्फ़ाज़ उनसे
जिनसे मैं राब्ता रखता हूँ,
वो कहते हैं कि खुशी तो बेवफा है,
कभी इधर तो कभी उधर ||
ग़म तो वो सच है,
जो तुम्हारे ज़िंदा होने का सबूत देता है||
तो मैं पूछता हूँ
अगर ये सच है,
तो मौत क्यों बदनाम है ?
ज़िंदगी क्यों नहीं ?
- ज्योति भूषण
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