अज्ञानी के ज्ञान से किताब बेहतर हैं,
अमावस की रात से महताब बेहतर हैं,
समझों, संभलो अपने पैरों पर खड़े हो
अनमोल ख़ुद ख़ुशी से शराब बेहतर हैं।
-अनमोल दिवाकर
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