बीती बातों में
क्या रखा है
खुद को संभालो
आज में सब है
उदासी छीन लेगी
चेहरे की हंसी
गमों में क्यों है
जिंदगी फंसी
खुशी ढूंढो
आगे बढ़ो
खूबसूरत हो
जाएगी
जिंदगी है जो बची।।
-ममता तिवारी
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