एक पल खुशी, फिर उदासी है
एक सांस हल्की, एक भारी है।
आतिश-ए-दिल की, जरा शीतल कर ले
लब पे लेके आ, जो दिल में गाली है।
हमने चाहा जिस सुमन को बागों में
उसे ही बेचा गैर को, जो माली है।
क्या डराता है मुझको दीवाने
खून तेरा खून, मेरा क्या पानी है।
वाह ' मगज़ ' तूने तो आसमान छू लिया
कलम तेरी ज़मीनी, असर रुहानी है।
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