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शेर ए मेवाड़

                
                                                         
                            आप होते तो देखते,
                                                                 
                            
आपका पोता क्या कमाल है,
सूरज की पहली किरण,
शत्रुओं का काल है,
सर पर मिट्टी मेंवाड़ की,
हाथ में चेतक री नाल है
आपका पोता क्या कमाल है।

हाथों में भाला पैर में जुती,
शूरवीरो सी चाल है।
आपका पोता क्या कमाल है
आंखों में अंगारे चमकता चेहरा,
इतिहास रहा है इनका गहरा
सर पर पगड़ी कद है ऊंचा,
मेवाड़ री ढाल है,
आपका पोता क्या कमाल है।।

धन्य है मेवाड़, और धन्य है आप
की,
आपका पोता महाराणा प्रताप है।।



 
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