कविता : बिदाई....
मेरी सुंदर सी
गर्ल फ्रेंड
थी एक वो मेरी
राइट हैंड
मगर वो तो किसी और
लड़के से घूम रही है
उसके साथ में वो
मस्ती से झूम रही है
ये नजारा देख मैं,
मैं न रहा
किसी के साथ कुछ
भी न कहा
मैं दौड़ दोनों के पास गया और
बोला, कल ये थी हमारी
आज अभी से ये लड़की
अब पूरी तरह है तुम्हारी
बधाई मुबारक
हे मेरे भाई
करी फिर मैंने
दोनों की बिदाई
करी फिर मैंने
दोनों की बिदाई.......
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