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कविता : मेरे होते हुए....

                
                                                         
                            कविता : मेरे होते हुए...
                                                                 
                            
प्रिय ये दिन ये रात
जागते हुए सोते हुए
अगर किसी के साथ तुम
गई तो मेरे होते हुए

मैं उसको किसी हाल
में थोड़ी ना छोड़ूंगा
पहले उसे अपने
दोनों हाथ जोड़ूंगा

उसके आगे चुपचाप
बिल्कुल नहीं रहूंगा
वो तुम्हें कहीं दूर ले जाए
उस से मैं यही कहूंगा
वो तुम्हें कहीं दूर ले जाए
उस से मैं यही कहूंगा.......

 
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एक घंटा पहले

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