बढ़ा के फासला तू अब नजदीकियां मत तलाश कर मिला है तू आज़ मुझसे क्या खोया क्या पाया मत तलाश कर
जो दिल के सच्चे होते हैं खुदा कसम बदनसीब होते हैं गर चाहो तो बदल कर फैसला तू किस्मत अपनी तलाश कर
सहूं कब तक मैं वफा तेरा जफा की राह पर करके ऐतबार तुझ पे हुआ बर्बाद मैं कितना ये सच अपनी तलाश कर
हाल ए बीमार ए दिल मेरा क्या मत तुम पूछो मिला के खुद को खाक में हुआ नुकसान हमें कितना ये तू तलाश कर
जान कर सच्चाई तेरी गुज़ार दी मैने है तमाम जिंदगी कांटों की राह पर शौक ए नीयत क्या है मेरा ये तू तलाश कर
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