सुनो युवाओं समझो जानो
अपनी ताकत को पहचानो
राह देखता आसमान है
उसे जीतने की तुम ठानो।
जिनको तुम लगते नाकारा
वह कुंठाओं से घिरे हुए हैं
भीतर भीतर जलते हैं
साहस से तुम्हारे डरे हुए हैं
सच कहता हूं बात मान लो
तुम सब कुछ कर सकते हो
अन्न उगा सकते बंजर में
मायूसों में साहस भर सकते हो।
जो तुमको छोटा समझ रहे
उनकी सोच बहुत छोटी है।
सुनो युवाओं समझो जानो
अपनी ताकत को पहचानो
राह देखता आसमान है
उसे जीतने की तुम ठानो।
कॉकरोच जो तुमको कहते
वे सत्ता से बंधे हुए हैं
सच्चाई ये कह न सकेंगे
इनके सब स्वर सधे हुए हैं।
संस्कार मत खोना तुम
लेकिन इनसे मत डरना
इनसे बड़ा सोचना तुम
इनसे अच्छा कुछ करना
नीयत अपनी अच्छी रखना
इनकी नीयत खोटी है
सुनो युवाओं समझो जानो
अपनी ताकत को पहचानो
राह देखता आसमान है
उसे जीतने की तुम ठानो।
वर्तमान भी तुमसे है
तुम्ही भविष्य के निर्माता
धीरज अपना मत खोना
संविधान से रखना नाता
केवल उद्वेलित हो जाने से
भविष्य नहीं गढ़ पाता है।
सफल वही होता है जग में
जो विपदा से लड़ पाता है।
बिना लड़े इस जग में क्या
मिली किसी को रोटी है?
सुनो युवाओं समझो जानो
अपनी ताकत को पहचानो
राह देखता आसमान है
उसे जीतने की तुम ठानो।
– रमाकान्त चौधरी
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