किसने कहा कि खुश होने की वजह चाहिए?
मुझे मुस्कुराहट भी बेवजह चाहिए,
चांद तारों को देती हो यूं पनाह नज़रों में,
तेरे दिल में मुझे उतनी सी जगह चाहिए,
तू आखरी ख्वाहिश, आखरी ख़्वाब चाहिए,
मुझे मोहब्बत बेहिसाब चाहिए,
लिखा है उसने मेरे लिए तुझे, या नहीं?
खुदा से मुझको जवाब चाहिए,
तू आखरी ख्वाहिश, आखरी ख़्वाब चाहिए।
है गवा तेरी जुर्रत में ये आसमां, सम्हल जाइए,
मुझे अपने इश्क़ में यूं तो न बहकाइए,
कि खोया रहूं तेरी आरिज़ में गुलाबें बीरान हों,
बहारों की तरह नहीं... सांसों की जान बनके आइए,
तू आखरी ख्वाहिश, आखरी ख़्वाब चाहिए,
मुझे मोहब्बत बेहिसाब चाहिए,
तब्बासुम से जगे अरमान हर.. ओ सनम!
मेरे दिल को यूं इक शबाब चाहिए,
तू आखरी ख्वाहिश, आखरी ख़्वाब चाहिए।
– ऋषभ भट्ट
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