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परछाई

                
                                                         
                            तुम पास नहीं फिर भी
                                                                 
                            
मेरे पास रहती हो,
मेरी यादों में बसती हो
मेरे दिल में धड़कती हो।
तुम चैन हो मेरे दिल का
सूकून भी तुम ही हो,
छूना जो चाहूं तुम्हें जब
तुम दूर हो जाती हो।
इक ख्वाब है बस मेरा
तुमको ही बस पाना,
जब आओ अब के मेरे पास
फिर ना तुम दूर जाना।
तुम पास नहीं फिर भी
मेरे पास रहती हो,
मेरी यादों में बसती हो
मेरे दिल में धड़कती हो।
-संजय बोरा
 
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एक घंटा पहले

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