“प्रश्नों की अग्नि में सत्य को तपाना ही जीवन है,
सुकरात ने सिखाया—खुद को पहचानना ही ज्ञान है।
अहंकार की दीवारें गिरा कर जो सीखता चला जाए,
वही असली ज्ञानी, वही जीवन का मान है।
विष का प्याला भी जिनके सत्य को झुका न सका,
वो कहते रहे—‘अज्ञान ही सबसे बड़ा अंधकार है।’
जो खुद से सवाल करे, वही रोशनी पा जाता है,
सुकरात का यही सरल, मगर गहरा विचार है.... "
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