दुआएं जितनी हम देते हैं,अगर सब कबूल हो जाएं।
तो मेहनत करना दुनिया में, बिलकुल फिजूल हो जाए।
तोहफा सदा नेमतों का, मेहनतकशों को देता है खुदा।
ताकि मेहनत कर के खाने का ,सबका उसूल हो जाए।।
-संजीव शर्मा
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X