ईश्वर से डरकर रहता जो,
मानवता का मान रखे।
निष्कपट और निश्छल रहकर के,
दायित्व से जो निर्वाह करे।
रखे सत्य का मान हृदय,
इन गुणों को धारण कर पाए,
सत्यनिष्ठ,सद्व्यवहारी ही,
सदा ईमानदार कहलाये।
-सूबा लाल "अंजाना"
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