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दीवाल और पुल की कहानी अपनी जुबानी

                
                                                         
                            सचमुच ,
                                                                 
                            
पुल या दीवार का - -
निर्माण ,
एक ही प्रकार से - -
होता है ,
या यों कहे तो - -
एक ही प्रकार के ,
सामग्री से - -
या एक ही प्रकार के,
कच्चे माल से - -
होता है ,
लेकिन - -
दोनों का भाव,
या अर्थ - -
अलग - अलग ,
होता है - -
और काम तो,
बिल्कुल अलग है - -
एक जोड़ता है,
तो - -
तोड़ता है या,
एक दूसरे से - -
अलग कर देता है ,
उदाहरण तौर पे - -
पुल और दीवार को,
ले सकते हैं - -
जहाँ पुल ,
लोगों को - -
जोड़ने का काम,
करता है - -
वहीं दीवार ,
तोड़ने या - -
लोगों से ,
अलग करने का - -
काम करता है l

इसि प्रकार ,
मालिक ( रब या ईश्वर ) ने - -
इंसान को,
एक जैसा - -
बनाया है ,
लेकिन - -
कौन कैसा ,
व्यवहार करता है - -
यह तो ,
उसके संस्कार पर - -
निर्भर करता है l

सच में ,
सबसे पहले - -
अपने विचार पर,
ध्यान देना होगा - -
क्योंकि ?
विचार से आपके ,
शब्द या वाणी का - -
निर्माण होता है ,
शब्द या वाणी से - -
आपके अच्छे,
कर्म बनेंगे - -
और ,
अच्छे कर्म - -
करने से ,
स्वतः आपका - -
विकास हो जायेगा l
-सुरेश कुमार झा 'अल्हर'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 दिन पहले

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