सचमुच ,
ईश्वर ने - -
सृष्टि की ,
रचना करते समय - -
तीन चीजें का,
विशेष रुप से - -
रचना या संरचना की ,
अनाज तो पैदा किए - -
लकिन ,
उनके साथ - -
कीड़े भी पैदा किए,
यदि ऐसा - -
नहीं होता तो ,
लोग - -
इन्हें भी ,
सोने -चाँदी की - -
तरह ,
करने लगते l
इंसान अपने से ,
या अपने प्यार से - -
कभी भी अलग नहीं,
हो पता है - -
मृत्यु के बाद ,
देह (शरीर) में - -
दुर्गन्ध पैदा कर दी,
यदि ऐसा - -
नहीं होता,
कोई अपने - -
प्यार को,
न ही कोई - -
जलाता ,
और - -
न कोई ,
दफनाता ही l
समय के साथ ,
इंसान को - -
रोना और भूलना भी,
सिखा दिया - -
यदि ऐसा ,
नहीं होता तो - -
इंसान ,
अपने जीवन में - -
किसी भी ,
प्रकार का संकट - -
या अनहोनी को,
कभी भी - -
नहीं भूल पता l
और ,
अंत में - -
यह होता कि ,
जिंदगी में निराशा - -
और ,
अंधकार ही रह जाता l
अंत में ,
यह होता कि - -
इंसान ,
कभी भी - -
आशा प्रसन्नता ,
और - -
जीने की इच्छा,
ही नहीं होती !
-सुरेश कुमार झा 'अल्हर'
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