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युवा की शपथ

                
                                                         
                            हम हैं इस मिट्टी की पहचान
                                                                 
                            
हमसे ही ऊँचा भारत का मान
सीने में तिरंगा दिल में अरमान
युवा है तो सम्भव हर अभियान

ना डरेंगे ना झुकेंगे
सत्य की राह पर ही चलेंगे
देश के लिए जो वक़्त पाए
हंसकर हर बलिदान सकेंगे

मेहनत को अपना धर्म बनाए
ईमान को अपना कर्म बनाए
ज्ञान की ज्योति जलाकर हम
भारत को विश्व गुरु बनाए

उठो युवा, अब समय यही है
कर्म ही सच्ची देशभक्ति है
हम बदलेंगे, युग बदलेगा
हमसे ही नई क्रांति लिखी है!!
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक महीने पहले

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