ये पागल - पागल होता है क्या,
लोग मोहब्बत मे पागल कैसे होते है,
मै तो एक नादान सा लड़का था,
बस इधर - उधर घूमता था,
मेरे सपनो से निकलकर एक लड़की आयी,
जिससे मुझको मोहब्बत हो गयी,
उसके बारे मे हर-दम,
मै सोच - सोच कर खोया रहता हूँ,
उसकी मोहब्बत मे खुदकों भूल गया,
सारे दुनियां से रिस्ता टूट गया,
उसनें मुझको हॅसना सिखाया,
अपने प्यार मे पागल बनाया,
बातें उसकी हरदम मै, सबसे करता रहता हूँ,
फूलों जैसी प्यारी है, वो जिसपर मै मरता हूँ,
जब होश मे आया तो,
ख़ुदको बंद कमरे में बहुत शांत पाया,
सीसे मे जो ख़ुदका चेहरा पाया,
फिर मुझको जाके मालूम हुआ,
ये पागल - पागल होता है क्या,
लोग मोहब्बत मे पागल कैसे होते है,
- राहुल कुमार
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