तुम बात कर देखना मुझसे अच्छा लगेगा।
अपने की बाहों में सिमटना अच्छा लगेगा।।
ज़माने की खुशी एक तरफ तुम एक तरफ।
जुल्फो को फूँक कर उड़ाना अच्छा लगेगा।।
कोई पूछेगा कभी अधूरी ख्वाहिशे तुम्हारी।
कहूँ कैसे नाम उससे मिलना अच्छा लगेगा।।
तमाम उम्र गुजरे उसकी धड़कनों के साथ।
उसकी धड़कनो को सुनना अच्छा लगेगा।।
मोहब्बत की कापी के हर पन्ने पर 'उपदेश'।
लिख लिखकर मिटाना मुझे अच्छा लगेगा।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
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