मोहब्बत की कोई भी कहानी उठा लो तुम,
कोई भी कहानी पूर्ण नहीं मिलेगी।
चाहे वह मानव की हो या फिर भगवान की,
हर कहानी अधूरी ही अधूरी मिलेगी।
इश्क़ करके कोई भी खुश नहीं रह पाया,
न आगे कोई रह पाएगा।
रोते हुए मिले हैं लोग इश्क़ में,
जो भी करेंगे इश्क़, रोते हुए ही मिलेंगे।
फिल्मों की कहानियाँ तो केवल काल्पनिक चल-चित्र हैं,
इतिहास गवाह है, कोई भी कहानी पूर्ण नहीं मिलेगी।
मेरा तो बस यही कहना है,
कभी किसी से इश्क़ मत करना।
न आज तक कोई सफल हुआ है,
न आगे कोई होगा।
— सुभाष बिश्नोई
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