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रज़ा-ए-मोहब्बत - विजय बिंदास राजा

                
                                                         
                            याद रखो तो मुस्कुरा देंगे,
                                                                 
                            
भूल जाओ तो भी दुआ देंगे।
हमने मोहब्बत सौदे में नहीं की,
तुम जो दोगे, वही ख़ुदा की रज़ा समझ लेंगे।
-विजय बिंदास राजा
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एक घंटा पहले

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