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आज का शब्द: भगवती और द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी की कविता- नारी वस्तु नहीं है

आज का शब्द
                
                                                         
                            'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- भगवती, जिसका अर्थ है- देवी, दुर्गा। प्रस्तुत है द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी की कविता- नारी वस्तु नहीं है
                                                                 
                            

नारी वस्तु नहीं है, नारी व्यक्ति है
नारी मानव-श्री है, मानव-स्वस्ति है।

वह बेटी है, बहन, बहू, माँ, सास है
कोष स्नेह-ममता का उसके पास है?
मूर्तिमान माधुर्य, सिंहिनी शक्ति है।
नारी वस्तु नहीं है, नारी व्यक्ति है।1।

नारी का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है
अपने में उसका स्वतंत्र व्यक्तित्व है;
वह न किसी की छाया या आवृत्ति है।
नारी वस्तु नहीं है, नारी व्यक्ति है।2।

रही झेलती धरती बन आकाश है
पर भूकम्पी ताकत उसके पास है;
उस ताकत से ही होनी अनुरक्ति है।
नारी वस्तु नहीं है, नारी व्यक्ति है।3।

नारी गृहलक्ष्मी है, लक्ष्मीबाई है
बेगम हजरत महल, अहिल्याबाई है;
वह सिंगार-अंगार भरी अभिव्यक्ति है।
नारी वस्तु नहीं है, नारी व्यक्ति है।4।

वह शिव की गंगा है, शिव की शक्ति है
वह देवी भगवती, भावना, भक्ति है;
नारी ही से होती मानव-सृष्टि है।
नारी वस्तु नहीं है, नारी व्यक्ति है।5।

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22 घंटे पहले

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