प्यार है , इज़हार है बाज़ार में !
इश्क का व्यापार है बाज़ार में !
कैद दफ़्तर में रहे सप्ताह भर
और अब रविवार है बाज़ार में !
देखकर विज्ञापनों का बाँकपन
रोज कुल परिवार है बाज़ार में !
ये भी लें, हाँ ये भी लें, हाँ ये भी लें
बस यही तकरार है बाज़ार में !
बिक रहा है आम जनता का सुकूँ
और हर सरकार है बाज़ार में !
क्यों घरों में आज सन्नाटा लगे
और हर त्यौहार है बाज़ार में !
एक जादू हर तरफ़ तारी हुआ
खींचता हर बार है बाज़ार में !
जेब में सबकी लगता सेंध ये -
साथ जो उपहार है बाज़ार में
देखकर 'अंजुम' हमें ऐसा लगे
यूँ कि सब संसार है बाज़ार में !
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