मुझे मेरा धर्म मिल गया था: मेरे लिए किताब से अधिक महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं था। मैंने पुस्तकालय को एक मंदिर के रूप में देखा।
- ज्यां पॉल सार्त्र
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