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आज का विचार: मनोहर श्याम जोशी

manohar shyam joshi quote in hindi kya hum manav ek doosre ko dukh hi dukh de sakte hain
                
                                                         
                            क्या हम मानव एक-दूसरे को दुख-ही-दुख दे सकते हैं, सुख नहीं? हम क्यों सदा कटिबद्ध होते हैं एक-दूसरे को ग़लत समझने के लिए? इतना कुछ है इस सृष्टि में देखने-समझने को, फिर भी क्यों हम अपने-अपने दुखों के दायरे में बैठे रहने को अभिशप्त है? अगर हम ख़ुशियाँ लूटना-लुटाना सीख जाएँ तो क्या यही दुनिया स्वर्ग जैसी सुंदर न हो जाए?
                                                                 
                            
- मनोहर श्याम जोशी 
एक घंटा पहले

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