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हर कोई चाहता है अमर करना प्रेम को अपने - नंदकिशोर आचार्य

nand kishore acharya hindi kavita har koi chahta hai
                
                                                         
                            

साधु ने भरथरी को
दिया वह फल -
अमर होने का

भरथरी ने रानी को
दे दिया
रानी ने प्रेमी को अपने
प्रेमी ने गणिका को
और गणिका ने लौटा दिया
फिर भरथरी को वह

भरथरी को वैराग्य हो
आया
वह नहीं समझ पाया:
हर कोई चाहता है
अमर करना
प्रेम को अपने।

4 वर्ष पहले

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