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Hindi Poetry: शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ की कविता- क्या राह में परिचय कहूँ, राही हमारा नाम है, चलना हमारा काम है

कविता
                
                                                         
                            गति प्रबल पैरों में भरी
                                                                 
                            
फिर क्यों रहूं दर दर खड़ा
जब आज मेरे सामने
है रास्ता इतना पड़ा
जब तक न मंजिल पा सकूँ,
तब तक मुझे न विराम है,
चलना हमारा काम है।

कुछ कह लिया, कुछ सुन लिया
कुछ बोझ अपना बँट गया
अच्छा हुआ, तुम मिल गई
कुछ रास्ता ही कट गया
क्या राह में परिचय कहूँ,
राही हमारा नाम है,
चलना हमारा काम है।

जीवन अपूर्ण लिए हुए
पाता कभी खोता कभी
आशा निराशा से घिरा,
हँसता कभी रोता कभी
गति-मति न हो अवरुद्ध,
इसका ध्यान आठो याम है,
चलना हमारा काम है। आगे पढ़ें

3 वर्ष पहले

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