विज्ञापन

‘सफ़र’ पर कहे शायरों के अल्फ़ाज़

सफ़र शायरी
                
                                                                                 
                            जुदाइयाँ तो मुक़द्दर हैं फिर भी जान-ए-सफ़र
                                                                                                

कुछ और दूर ज़रा साथ चल के देखते हैं

- अहमद फ़राज़


अब के सफ़र में दर्द के पहलू अजीब हैं
जो लोग हम-ख़याल न थे हम-सफ़र हुए

- खलील तनवीर
आगे पढ़ें

1 year ago

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X