आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

'श्रद्धांजलि और याद' पर ये हैं 10 चुनिंदा शेर...

'श्रद्धांजलि और याद' पर ये हैं 10 चुनिंदा शेर...
                
                                                         
                            ऐसे बहुत से लोग होते हैं जो इस दुनिया से रुख़्सत होने के बाद अपने पीछे अपना प्रभावी इतिहास छोड़ जाते हैं और उनकी यादें हमेशा दिलो-दिमाग में घर किए होती हैं। दिवंगत भाजपा नेता और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर (जिनकाका लंबी बीमारी के बाद रविवार शाम को निधन हो गया, वह 63 साल के थे। ) ऐसे ही व्यक्ति थे। शायरों ने हमेशा ऐसे नायकों की यादों और अपनी संवेदनाओं को लफ़्जों से नवाजा है। पेश है श्रद्धांजलि स्वरूप याद्गार अशआर... 
                                                                 
                            


उठ गई हैं सामने से कैसी कैसी सूरतें 
रोइए किस के लिए किस किस का मातम कीजिए 
~हैदर अली आतिश

एक सूरज था कि तारों के घराने से उठा 
आँख हैरान है क्या शख़्स ज़माने से उठा 
~परवीन शाकिर

कहानी ख़त्म हुई और ऐसी ख़त्म हुई 
कि लोग रोने लगे तालियाँ बजाते हुए 
~रहमान फ़ारिस

अब नहीं लौट के आने वाला
घर खुला छोड़ के जाने वाला
~अज्ञात
 
आगे पढ़ें

7 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर