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हमारा ख़ुद से बढ़ कर

                
                                                         
                            हमारा ख़ुद से बढ़ कर कोई साथी नहीं होता!
                                                                 
                            
अपने सपनों से बढ़ कर कोई अपना नहीं होता!!

- आलम-ए-ग़ज़ल परवेज़ अहमद
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एक घंटा पहले

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