आओ हम सब वृक्ष लगाएं,
वसुधा पर हरियाली लाएं।।
दिन प्रतिदिन बढ़ रही है गर्मी,
जनमानस हो गया है व्याकुल,l
हो जाओ तुम सावधान अब,
ये विषय बन गया है चिंताकुल।
यहां मर रहे हैं प्यासे पशु-पक्षी,
आओ उनके प्राण बचाएं !
वसुधा पर हरियाली लाएं।।
ए.सी की तुझे पवन भा गई,
प्रकृति का तूने क्षरण किया है।
इतना बना आधुनिक जहां तक,
कृत्रिमता का तूने वरण किया है।
जो नहीं जानते महत्व प्रकृति का,
आओ उनको महत्व बताएं!
वसुधा पर हरियाली लाएं।।
तेरे हाथों तेरा जीवन सुरक्षित,
यदि जब तू इसे बचाएगा।
नहीं रह सकता खुशहाल कभी
जब तक ना वृक्ष लगाएगा।
हम मानव होने के नाते ही
मानवता का फ़र्ज़ निभाएं!
वसुधा पर हरियाली लाएं।।
कटते रहे यदि वृक्ष निरंतर,
ये जीवन भी मर जाएगा।
पशु-पक्षी तो बेजुबां विचारे,
ये मानव तक नहीं रह पाएगा।
प्रकृति की चेतावनी तुमको,
लोगों में जागरूकता जगाएं!
वसुधा पर हरियाली लाएं।।
- कुमार आदित्य यदुवंशी
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