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वो हारे का सहारा है हराने देगा ना कभी

                
                                                         
                            सपने होंगे साकार सभी
                                                                 
                            
सरकार के दरबार में तो जा

श्याम सुनते हैं सबकी
गुहार इक बार तो लगा

वो हारे का सहारा है
हराने देगा ना कभी

जय श्री श्याम
जय श्री श्याम
जय श्री श्याम
का जयकार तो लगा

हे खाटू वाले मेरे मालिक मैं आपका छोटा सा दास !
आओ कभी मेरी कुटिया अजीत अक्षरजीवी त्रिपाठी
का बहदिया गाजीपुर उत्तर प्रदेश निवास !
- अजीत अक्षरजीवी त्रिपाठी
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4 दिन पहले

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