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आदमी किस तरह का जानवर हो रहा है

                
                                                         
                            आदमी   किस  तरह   का  जानवर  हो  रहा  है
                                                                 
                            
जानवर की श्रेणी  का हीं  है उजागर कर रहा है
जानवरों  सा  आजकल  व्यवहार  करने लगा है
रिश्ते नाते मानवता को कैसे शर्मशार कर रहा है

कोई  अपने  मां  बाप  को घर से निकाल रहा है
कोई अपने घर की बहुओं को जिंदा जला रहा है
इन  हैवानों  के कारनामों का कितना जिक्र करूं
कई  नाबालिग  बच्चियों से दुर्व्यवहार कर रहा है

नफरत  की  आग  में  खुद जल रहा है इस कदर 
जंगल की आज की तरह समाज को जला रहा है 
जाति और मजहब के कहानियों को झूठा गढ़कर
फिजाओं  में  घृणा  का  वातावरण  फैला  रहा है 

खुद  के  मजहब  व जाति को ऊंचा दिखा रहा है
आजकल अपनी रोटियों को लाशों पर सेंक रहाहै
फौज खड़ी हो गई है जाहिल अदीबो की मुल्क में
कमजर्फ ऐसे  हीं  रोटियों  का इंतजाम कर रहा है

दरिंदों की शक्ल में जाहिल अदीब सब घूम रहा है
हैजा प्लेग कोरोना जैसी बीमारियों को फैला रहाहै
मुल्क  का  समझौता  करने  में ईमान नहीं कांपता
ये सब  आजकल  गिद्धों जैसा व्यवहार कर रहा है

विश्वविद्यालयों  न्यायालयों में नुमाइंदगी कर रहा है
चौथे  खंभा वाला हकीकत कुछ दिखा कुछ रहा है
स्वार्थ  में  डूबकर  सियासी भी जानवर  बन रहा है
बेशर्म  हैं दिल में कुछ अखबारों में कुछ कह रहा है
- अखिलेश्वर तिवारी
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36 मिनट पहले

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