पाँव धरती पे रख के गगन देखिए
दिल का खिलता हुआ-सा चमन देखिए।
आजकल गीत गजलों की भरमार है
नौजवानों में उभरा है फन देखिए।
लोग सूरत पे मरने लगे आजकल
प्यार में मैं कहूँगा कि मन देखिए।
सिर्फ कपड़ों पे सूरत पे लट्टू न हों
हो जो संभव तो कुछ आचरन देखिए।
आप इतने उदासी में क्यों हैं अनिल
आसमाँ में खिली है किरन देखिए।
-पंडित अनिल
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