चलते चलते आप मिले
चलते चलते पुष्प खिले
जो चलता रहा
जो गलता रहा
उसको मंजिल मिली
उसके घर कलियां खिलीं
चलते रहो
गलते रहो
मंजिल मिल जाएगी
पुष्प खिल जाएंगी।
- सहज कुमार
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