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बेपनाह थी मोहब्बत जिसे हम पा ना सके

                
                                                         
                            बेपनाह थी मोहब्बत, जिसे हम पा ना सके ।
                                                                 
                            
खुद से ज्यादा जिसे चाहा, उसे अपना बना ना सके ।।
गम ये नही की, वो मुझे मिला नही ।
अफसोस ये है कि,उसे आज भी हम भुला ना सके।।
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19 घंटे पहले

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